Wednesday, July 31, 2019

चाय पीने के फायदे और स्वास्थ्य लाभ

आइये जानते हैं चाय पीने के फायदे और स्वास्थ्य लाभ। चाय! एक ऐसा पेय जिसका चलन सदियों से चला आ रहा है। भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर में चाय सबसे पसंदीदा पेय माना जाता है। भारत में 90% से ज्यादा लोगों के दिन की शुरुआत चाय से होती है जिसे शहरों में बैड टी के कल्चर के नाम से जाना जाता है। यह कल्चर अब गाँवों तक भी अपनी पहुँच बना चुका है।
कई लोग तो चाय के इतने शौकीन होते है की दिन में दो से पाँच या इससे भी ज्यादा चाय पी लेते है। बल्कि यह कहना अनुचित नहीं होगा की चाय हमारी जिंदगी का इतना अहम हिस्सा बन चुकी है की अब चाह कर भी चाय से दूर नहीं रह सकते।
गर्मी हो या सर्दी चाय पीने के शौकीन हर मौसम में चाय की चुस्की लेने का बाहाना ढूँढ ही लेते है। आखिर चाय चीज ही ऐसी है। चाय में कैफ़ीन होते हुए भी अगर इसका उचित मात्रा में सेवन किया जाए तो इससे शरीर को बहुत लाभ होता है।
चाय ताजगी देने के साथ-साथ अनजाने में स्वास्थ्य लाभ भी बहुत देती है। अगर आप भी चाय को अपने जीवन का अटूट हिस्सा मानते है तो चलिए आज हम आपको चाय पीने के फायदे से अवगत कराएंगे।
चाय पीने के फायदे और स्वास्थ्य लाभ 1

चाय पीने के फायदे और स्वास्थ्य लाभ

1. बालों में रखे शाइन – बालों में अच्छी चमक के लिए ग्रीन टी का प्रयोग करे। इसकी उत्पत्ति भी उसी पेड़ से होती है जिससे काली चाय आती है। लेकिन इसे ऑक्सीडाइज नहीं किया जाता जिस कारण इसकी पत्तियों में इलेक्ट्रॉन की संख्या प्रचुर मात्रा में होती है। यही इलेक्ट्रॉन बालों में चमक बनाए रखता है।
ग्रीन टी के तीन बैग को उबलते पानी में डालें, पानी ठंडा होने पर उससे बाल धो ले फिर कंडीशनर करे। अगर बाल डार्क चाहिए तो काली चाय का इस्तेमाल करे।
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2. आँखों को दे ठंडक – कई बार हार्मोनल चेंज, तनाव, ज्यादा शराब या एलर्जी की वजह से आँखों में सूजन या थकान आ जाती है। ऐसे में इस्तेमाल हुई टी बैग को अपनी दोनों बंद आँखों पर दस मिनट के लिए रखे। आपकी आँखे फ्रेश और थकान रहित फील करेगी।
3. बुढ़ापा दूर रखे – यह सच है कि चाय काली हो, ग्रीन हो या किसी और फ्लेवर की, सभी चाय में एंटीऑक्सीडेंट्स, एंटी कैटेचिन्स और पोलीफेनॉल्स होते है जिससे हमारे शरीर पर सकारात्मक असर पड़ता हैं। इससे उम्र बढ़ने और प्रदूषण के प्रभावों से शरीर की रक्षा होती है।
4. कम कैलोरी – चाय कैलोरी रहित होती है जब तक आप उसमें चीनी या दूध ना मिला दे। अगर आप टेंशन फ्री कैलोरी मुक्त पेय को पीना चाहते है तो चाय एक अच्छा विकल्प है। इसके सेवन से वजन घटने लगता है और स्लिम ट्रीम बनाता है।
अधिक थकान या काम के बाद शरीर को हाइड्रेड करने की जरूरत होती है ऐसे में चाय एक बेहतरीन ऑप्‍शन है इससे रीफ़्रेशनेस के साथ-साथ एनर्जी भी मिलेगी। कैफ़ीन होने के कारण दिन में दो चाय स्वास्थ्य के हित में है।
5. कैंसर विरोधी गुण – चाय में एंटीऑक्सीडेंट्स और पोलीफेनॉल्स जैसी प्रोपर्टीज होती है जो कैंसर से लड़ने में सहायता करती है। वैज्ञानिक रिसर्च के अनुसार जो दो-तीन कप चाय पीते है उनमें दूसरों के मुकाबले ब्रेस्ट, माउथ और प्रोस्टेट कैंसर का खतरा कम होता है। यह कहना गलत नहीं होगा की चाय कैंसर विरुद्ध सुरक्षा देती है।
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6. दाँतों को दे मजबूती – सुबह एक कप चाय पीने से दाँतों को मजबूती मिलती है। चाय फ्लोराइड का सबसे अच्छा स्त्रोत है जिससे दाँतों के एनामेल को नष्ट होने से रक्षा मिलती है। इसका एन्टीऑक्सिडेंट गुण जीवाणुओं से लड़ने और मसूड़ों की समस्या से राहत दिलाने में सहायता करता है।
7. सन बर्न से रक्षा – अधिक धूप में रहने के कारण चेहरे पर सनबर्न के मार्क का आना स्वभाविक है। ऐसे में टी बैग को पानी में रखकर ठंडा होने के लिए फ्रिज में रख दे और जहाँ स्किन प्रभावित है वहाँ पर दस मिनट के लिए ठंडे टी बैग को रख दे, असर तुरंत दिखेगा।
8. फैट कम करे – चाय के सेवन से शरीर का मैटाबॉलिज्‍म बढ़ता है। अगर आप ग्रीन टी का सेवन करते है तो 70-80% कैलोरी बर्न होती है और मैटाबॉलिज्‍म रेट बढ़ता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं की आप व्यायाम और टहलना बंद कर दे।
9. बीमारियों से लड़े – चाय के सेवन से इम्यून सिस्टम को संक्रमण से लड़ने में सहायता मिलती है। सर्दी-जुखाम व सर दर्द जैसी आम समस्या तो चुटकियों में सही हो जाती है।
यह धमनियों में खून का थक्का बनने की प्रक्रिया को रोकने और उसके कार्य को सुचारू रूप से चलाने में मदद करती है जिससे शरीर में ब्लड का फ्लो अच्छे से होता है। चाय का सेवन धमनियों मे चिकनाहट और कोलेस्ट्रॉल को जमने नहीं देता जिस कारण दिल का दौरा और स्ट्रोक का खतरा भी बहुत कम हो जाता है।
चाय में मौजूद फ्लेवनाइड नाम का एन्टी-ऑक्सिडेंट होता है जो दिल को सभी प्रकार की समस्या से बचा के रखने में मदद करता है। ग्रीन टी के सेवन से किल-मुहाँसे नहीं होते। यह त्वचा में मौजूद बेंजॉइल प्रॉक्साइड को रोकता है जिससे चेहरे को स्पॉट से मुक्ति मिलती है।

10. मेमोरी तेज होती है – कहा जाता है चाय पीने से दिमाग की नशे खुल जाती है और तरोताजगी फील होती है, इसके सेवन से मेमोरी सेल्स एक्टिव हो जाती है। इससे मनोभ्रम और अल्ज़ाइमर रोग का खतरा भी टलता है। शायद इसी लिए बढ़ती उम्र के लोग चाय का सेवन अधिक करते है।
11. हड्डियों को मजबूती – रिसर्च के अनुसार जो लोग लंबे समय से चाय का सेवन कर रहे है उनकी हड्डियाँ उन लोगों से ज्यादा मजबूत पाई गई जो चाय नहीं पीते।
शौध के अनुसार चाय पीने वालों की हड्डियाँ – बढ़ती उम्र, मोटापा, व्यायाम में कमी, धूम्रपान और अन्य नुक़सानदायक आदतों के बावजूद भी मजबूत है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं की आप भी ऐसी आदतों के शिकार हो जाओ। यह एक कुछ लोगों पर किया गया अध्ययन है।

कुछ स्वास्थ्यवर्धक चाय के प्रकार और गुण

काली चाय – इसमे सबसे अधिक कैफीन होता है। अध्ययनों से प्राप्त जानकारी अनुसार काली चाय सिगरेट के धुएं के संपर्क की वजह से फेफड़ों को नुकसान से बचाती है।
इतना ही नहीं यह रक्त का थक्का बनने की प्रक्रिया को रोककर धमनियों के कार्य में सहायक बनती है जिससे स्ट्रोक का खतरा कम होता है। एन्टीऑक्सिडेंट के गुण इसमें अधिक होने के कारण यह मुँह और मसूड़ों को जीवाणुओं से रक्षा प्रदान करती है।
ऊलौंग टी – यह चायना की उत्पत्ति है। यह कैलोरी को बर्न करने के साथ प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में बहुत सहायता करती है।
ग्रीन टी – यह वसा को कम करने, दिमागी तनाव को कम करने, अल्जाइमर और पार्किंसंस रोग जैसी मस्तिष्क संबंधी बीमारियों के खतरे को कम करने, कोलोरेक्टल कैंसर को रोकने, धमनियों में खून का थक्का रोकने में, स्ट्रोक का खतरा कम करने, अर्थराइटिस के खतरे को कम करने, कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार करने, हड्डियों को मजबूत बनाने और लीवर की क्षमता को बेहतर बनाने में बहुत मदद करती है।
इसके अलावा हरी चाय मूत्राशय, स्तन, फेफड़े, पेट, अग्नाशय के लिए एंटीऑक्सीडेंट का काम करती है। इस चाय को बिना चीनी के दिन में 3-4 बार पीना सेहतमंद माना गया है। अधिक लाभ के लिए इस चाय का उपयोग पत्तियों के रूप में करे टी बैग का नहीं।
अच्छे स्वास्थ्य के लिए कुछ नियम होते है की कब भोजन लेना चाहिए, कब सोना या उठना चाहिए, कब पानी आदि पीना चाहिए या कब व्यायाम करना चाहिए। ठीक उसी तरह चाय पीने का भी उचित समय होता है।
अगर आप सुबह खाली पेट चाय पीते है तो आपकी भूख प्रभावित हो सकती है, अगर आप रात को सोते वक्त चाय पीते है तो धीरे-धीरे अनिद्रा की समस्या हो सकती है, अगर आप दोपहर के भोजन के तुरंत बाद चाय का सेवन करते है तो भोजन के रसायन से चाय रिएक्ट कर सकती है।
आपको जो भी चाय पसंद हो सुबह के नाश्ते के साथ चाय ले। बैड टी आपकी आदत है तो कुछ खा कर फिर चाय पिए। शाम को 4-5 बजे के बीच आप चाय का सेवन कर सकते है। डॉक्टर के अनुसार दिन में तीन-चार चाय से ज्यादा चाय का सेवन हितकर नहीं है।
अगर संभव हो तो बिना दूध और चीनी की चाय का सेवन करे। अधिक चाय से जलन, गैस, एसिडिटी, अल्सर, पेट फूलना आदि कई समस्या हो सकती है। गर्मी हो या सर्दी चाय का नियमित मात्रा में सेवन आपकी सेहत को स्वस्थ रखेगा। किसी भी चीज की अति शरीर को हमेशा क्षति ही पहुँचाती है।
हमारा यही सुझाव है अच्छी सेहत के लिए चाय का सेवन संतुलित करे और खाली पेट तो चाय का सेवन भूल से भी ना करे। अगर सीमित मात्रा में चाय का सेवन ना किया जाए तो जीतने चाय पीने के फायदे है नुकसान भी उतने ही है।

Monday, July 22, 2019

शहनाई का जादूगर-उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ


शहनाई का जादूगर-उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ


26 जनवरी 1950 को भारत के प्रथम गणतंत्र की संध्या पर शहनाई से राग काफी में उभरी स्वर लहरियों ने संपूर्ण वातावरण में जैसे सुरों की गंगा प्रवाहित कर दी थी। इस दिवस का हर्षोल्लास दुगना हो गया था। श्रोता भावविभोर होकर स्वरों की अपूर्व बाजीगरी का आनंद उठा रहे थे और मन ही मन प्रशंसा कर रहे थे उस कलाकार की, जो शहनाई से उभरे स्वरों के रास्ते उनके ह्रदयों में प्रवेश कर रहा था
शहनाई का जादूगर-उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ
शहनाई का जादूगर-उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ

यह शहनाई वादक थे बिस्मिल्लाह खाँ जो स्वतंत्र भारत की प्रथम गणतंत्र दिवस की संध्या पर लाल किले में आयोजित समारोह में शहनाई बजा रहे थे। उस्ताद बिस्मिल्लाह खां एक ऐसे कोमल ह्रदय व्यक्ति थे जो संगीत के द्वारा आत्मा की गहराइयों में उतर जाते थे। ऐसा व्यक्तित्व जो विश्वविख्यात शहनाई वादक के रूप में जीते जी किंबंदती बन गए

बिस्मिल्लाह खां का जन्म 21 मार्च 1916 को डुमराव, बिहार में हुआ था। इनके पूर्वज डुमराव रियासत में दरबारी संगीतज्ञ थे। इन्हें संगीत की प्रारंभिक शिक्षा चाचा अलीबख्श विलायत से मिली। अलीबख्श वाराणसी के विश्वनाथ मंदिर में शहनाई बजाते थे। चाचा की शिक्षा से जहां उनमें संगीत के प्रति गहरी समझ विकसित हुई वहीं सभी धर्मों के प्रति आदर का भाव भी जागृत हुआ। उन्होंने अपना जीवन संगीत को समर्पित कर दिया और शहनाई वादन को विश्व स्तर पर नित नई ऊंचाइयां देने का निश्चय कर लिया

बिस्मिल्लाह खां संगीत, सुर और पूजा को एक ही दृष्टि से देखते थे। उनका मानना था कि संगीत, सुर और पूजा एक ही चीज है। बिस्मिल्लाह खाँ ने अपनी शहनाई की गूंज से अफगानिस्तान, यूरोप, ईरान,इराक, कनाडा, अफ्रीका, रूस, अमेरिका, जापान और हांगकांग समेत विश्व के सभी प्रमुख देशों के श्रोताओं को रसमग्न किया। उनका संगीत समुद्र की तरह विराट है लेकिन मैं विनम्रता पूर्वक कहते थे, मैं अभी मुश्किल से इसके किनारे तक ही पहुंच पाया हूं मेरी खोज अभी जारी है

संगीत में अतुलनीय योगदान हेतु उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ को देश-विदेश में विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। उन्हें भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न महामहिम राष्ट्रपति द्वारा सन 2000 में प्रदान किया गया। संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, तानसेन पुरस्कार, मध्य प्रदेश राज्य पुरस्कार, पद्म भूषण जैसे सम्मान एवं विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा उन्हें प्रदान की गई डॉक्टरेट की उपाधि उनकी ख्याति की परिचायक हैं

शहनाई का जादूगर-उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ
शहनाई का जादूगर-उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ

खाँ साहब अत्यंत विनम्र, मिलनसार और उदार व्यक्तित्व के धनी थे। वे सभी धर्मों का सम्मान करते थे। संगीत के प्रति पूर्ण समर्पण, कड़ी मेहनत, घंटों अभ्यास, संतुलित आहार, संयमित जीवन और देश प्रेम के अटूट भाव एवं गुणों ने उन्हें विश्व स्तर पर ख्याति दी। अभिमान तो जैसे उन्हें छू तक नहीं पाया था। उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ शास्त्रीय संगीत परंपरा की ऐसी महत्वपूर्ण कड़ी थे जिन पर प्रत्येक देशवासी को गर्व है

21 अगस्त सन 2006 को वाराणसी में ही उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ ने अपनी अंतिम सांस ली, वह 90 वर्ष के थे। तिरंगे में लिपटे बिस्मिल्लाह खाँ के पार्थिव शरीर की बेनीबाग से शुरू हुई शव यात्रा के दौरान लाखों लोगों की भीड़ से रास्ता जाम हो गया। जब उस्ताद का जनाजा करबला पहुंचा तो उन्हें आंसुओं का नजराना देने वालों की लंबी-लंबी कतारें लग गई। इस दौरान हल्की बारिश होने से यह एहसास हुआ मानो प्रकृति भी उस्ताद के दुनिया से विदा होने पर आंसू बहा रही है। शास्त्रीय संगीत की दुनिया में वेएक रत्न की तरह रहेंगे। उनकी कला सर्वदा सभी के दिलों में सम्मान पाती रहेगी

Saturday, July 20, 2019

रिश्तो की अहमियत समझते हुए वैवाहिक जीवन की कड़वाहट को दूर कैसे करें।

रिश्तो की अहमियत समझते हुए वैवाहिक जीवन की कड़वाहट को दूर कैसे करें-

रिश्ता एक ऐसा शब्द है जो कि एक पवित्रता का प्रतीक है परंतु आजकल लोग केवल शारीरिक सुखों के लिए रिश्ते की आड़ लेते हैं और फिर उस रिश्ते को ऐसे तोड देते हैं जैसे कि कोई कच्चा धागा हो, याद रखें जब भी किसी नए रिश्ते से इंसान का जुड़ा होता है तो वह इतना गहरा होता है कि दूर रहकर भी व्यक्ति को एक दूसरे के सुख दुख का एहसास होता है अतः हमें रिश्ते की गरिमा को समझना चाहिए और हर रिश्ते का सम्मान करना चाहिए क्योंकि यह रिश्ता ही है जो जन्म के बाद हमें एक दूसरे से जोड़ता है चाहे वह रिश्ता पति पत्नी का हो, चाहे वह रिश्ता दोस्त का हो, चाहे भाई बहन का हो चाहे मौसी मौसा का हो कहने का मतलब किसी भी का भी हो।आज हम विशेषकर पति पत्नी के रिश्ते की बात कर रहे हैं यह रिश्ता एक रिश्ता है जो सिर्फ दो लोगों को ही नहीं बल्कि दो परिवारों को एक साथ जोड़ता है परंतु बहुत से लोग इस रिश्ते की अहमियत को नहीं समझते।अतःइस रिश्ते को और मजबूत बनाने के लिए और रिश्ते में विश्वास को बनाए रखने के लिए कुछ ऐसी बातें जिन्हें समझने के बाद आप शायद एक दूसरे का ख्याल रखें और रिश्ते का मान रखें बताने का प्रयास कर रहे हैं कृपया हमारे इस प्रयास का हिस्सा बनिए और सभी को इससे जुड़ने का अवसर दीजिए
husband and wife relationship,  realtionship means,  in love,  phela pyar,  first love,.  रिश्तो की अहमियत समझते हुए वैवाहिक जीवन की कड़वाहट को दूर कैसे करें।
रिश्तो की अहमियत समझते हुए वैवाहिक जीवन की कड़वाहट को दूर कैसे करें।

  • किसी भी रिश्ते को निभाने के लिए कसमो वादों और पैसों की जरूरत नहीं बस उसको निभाने के लिए दुख खूबसूरत लोगों की जरूरत होती है एक जो भरोसा कर सके और दूसरा जो उसे समझ सके




  • विश्वास करके ही विश्वास जीता जा सकता हैतो कहने का मतलब यह है कि रिश्ता बिना विश्वास के नहीं चलता अत: हर रिश्ते में एक दूसरे के ऊपर विश्वास रखना बहुत ही जरूरी होता है



  • इंसान को नफरत से नहीं, प्यार से जीता जा सकता है


  • जीवन में अनेक अनमोल चीजों का महत्व हमें तब जाकर महसूस होता है जब हम उन्हें खो देते हैंदोस्तों यह बात बहुत ही सटीक और सच्ची है अक्सर देखा जाता है कि इंसान के रहते उसकी कोई कदर नहीं करता औरजबवह इस दुनिया से चला जाता है तब उसका एहसास होता है कि काश हमने उस समय उनके साथ अच्छा व्यवहार किया होता, उनके साथ बने उस रिश्ते को समझा होता परंतु बाद में पछताने से कुछ नहीं होता इसलिए हमेशा हर किसी का ख्याल रखें




  • जिंदगी में हमेशा सबकी कमी बनी पर कभी किसी की जरूरत नहीं क्योंकि जरूरत तो हर कोई पूरी कर सकता है पर कमी नहीं


  • जो इंसान आपसे ज्यादा प्यार करेगा वह आपसे रोज लड़ेगा लेकिन जब आपका एक आंसू गिरेगा तो उसे रोकने के लिए वह पूरी दुनिया से लड़ेगा


  • किसी को हराना बहुत आसान है लेकिन किसी को जीतना बहुत ही मुश्किल है

  • हमारा खुद के साथ जो रिश्ता है वही जीवन में दूसरों के साथ हमारे रिश्ते की नींव रखता है


  • बहुत कम लोग ही जानते हैं कि ज्यादा सलाह देना आपसी रिश्तो में रोड़ा बन जाता है


  • मुस्कान और मदद यह दोनों ऐसे इत्र हैं जिन्हें जितना आप अधिक दूसरों पर छिड़केंगे उतनी ही अधिक सुगंध आपसे आएगी


  • साथ छोड़ने वालों को तो एक बहाना चाहिए वरना निभाने वाले तो मौत के दरवाजे तक साथ नहीं छोड़ते


  • रिश्तो की खूबसूरती एक दूसरे की गलतियां बर्दाश्त करने में है क्योंकि बिना कमी का इंसान तलाश करोगे तो अकेले रह जाओगे


  • एक सुंदर हृदय की तलाश करें सुंदर चेहरे की नहीं। सुंदर चीजें हमेशा भली नहीं होती परभली चीजें हमेशा सुंदर होती है


तो दोस्तो आशा करता हूं कि इन सभी बातों का प्रभाव शायद आप के रिश्ते को बदल कर रख दें और आप हमेशा रिश्तो का सम्मान करें और उनकी कद्र करें।

Friday, July 19, 2019

इसको जानने के बाद कभी दुःख में भी दुःखी नहीं रहोगे।


इसको जानने के बाद कभी दुःख में भी दुःखी नहीं रहोगे-

दोस्तों आज के समय में हर इंसान दुखी है परंतु इस दुख का सबसे प्रमुख कारण उसका अपने आप से ज्यादा दूसरों पर भरोसा करना और उसके देखने का नजरिया है। आजकल प्रत्येक व्यक्ति चाहे वह जवान हो, विद्यार्थी हो, या फिर बूढ़ा हो सभी लोग अपने से ज्यादा दूसरों पर विश्वास करते हैं और यही व्यक्ति के दुख का सबसे बड़ा कारण बनता है। हम उन लोगों पर इतना विश्वास करते हैं कि अपनी निजी जिंदगी तक की छोटी से छोटी बात तक उन्हें बता देते हैं जो कि कुछ समय पश्चात हमारे लिए ही समस्या बन जाती है। दोस्तों आपके जीवन में यदि कोई आपकी खुशी और तरक्की को देखकर सच में खुश होता है तो वह सिर्फ आपके मां-बाप हैं दुनिया में यही एक ऐसा रिश्ता है जो चाहता है कि आप उनसे ज्यादा काबिल बने वरना भी तो यही चाहते हैं कि आप कभी भी उनसे आगे ना निकले। किसी ने सच ही कहा है कि

दुनिया कामयाब लोगों से जलती है और नाकामयाब का मजाक बनाती है।"


 तो दोस्तों आपको अपने आप को पहचानना होगा और खुद पर विश्वास करना होगा तभी आप जिंदगी में हमेशा खुश रह सकेंगे। दोस्तों इसके अलावा कुछ ऐसी बातें या भावनाएं महापुरुषों और कामयाब लोगों के द्वारा बताई गई हैं जिसको जानने के बाद आप अपने आप ही अपनी दृणशक्ति और काबिलियत को जान सकेंगे और आप इस दुनिया की इस झूठी और दिखावटी सच्चाई से भी काफी हद तक वाकिफ हो जाएंगे। आज हम आपको उन्हीं सब बातों को बताने का प्रयास कर रहे हैं कृपया हमारे इस प्रयास का हिस्सा बनिए और हमेशा सुखी रहिए
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इसको जानने के बाद कभी दुःख में भी दुःखी नहीं रहोगे।

  • जिंदगी में अच्छे लोगों की तलाश मत करो खुद अच्छे बन जाओ शायद आपसे मिलकर किसी की तलाश पूरी हो जाए


  • आपकी खुशी में आपके साथ वह होगा जिसको आप चाहते हैं परंतु आप के दर्द में आपके साथ वह होगा जो आपको चाहता है।


  • अगर लोग केवल जरूरत पड़ने पर आपको याद करते हैं तो उनका बुरा मत मानिए बल्कि गर्व कीजिए क्योंकि एक मोमबत्ती की याद तब आती है जब अंधकार होता है


  • जीवन में 3 तरह के लोगों को कभी मत भूलना पहले जिन्होंने मुश्किल वक्त में आप का साथ दिया हो दूसरे वह जिन्होंने मुश्किल वक्त में आपको छोड़ दिया हो और तीसरे वह जिन्होंने आप को मुश्किल में डाला हो अगर आपको किसी को कुछ देना ही है तो आप अपना कीमती वक्त दीजिए क्योंकि आप हर चीज वापस ले सकते हैं बस वक्त ही नहीं ले सकते


  • किसी के गुणों की प्रशंसा करने में अपना समय नष्ट मत करो बल्कि उसके गुणों को अपनाने का प्रयत्न करो


  • भगवान से कुछ मांगो मत क्योंकि जितना भगवान दे सकते हैं उतना तुम मांग नहीं सकते


  • महान व्यक्ति की महानता का पता इस बात से चलता है कि वह छोटे व्यक्ति से कैसे पेश आता है


  • मेहनत एक फूल है करते रहो तो खिला रहता है और छोड़ दो तो मुरझा जाता है


  • जब हम गिरते हैं तो अधिक अच्छी तरीके से चलने का रहस्य सीख जाते हैं दोस्तों हर एक चीज ठोकर लगने से टूट जाया करती है परंतु सफलता हमेशा ठोकर लगने से ही मिलती है इसलिए कभी हार मत मानो क्योंकि छोटी-छोटी असफलता ही 1 दिन बड़ी सफलता का कारण बनती है


  • पास में कुछ भी ना रहे साथ कोई भी ना दे तो भी आशा बनाए रखें आज का दिन उदासी भरा है तो भी आशा रहनी चाहिए कि कल नहीं तो परसों का दिन तो उत्साह पूर्वक होगा


  • दूसरों को दिखाने में आप जितना समय लगाते हो उतना अपने दोषों को सुधारने में लगा आप अपना चरित्र सुधरेंगे अपना अच्छा पवित्र बनाएंगे तो संसार अपने आप ही सुधर जायेगा


  • व्यक्तित्व का प्रतिबिंब व्यवहार में स्वयं ही दिखाई देता है इसलिए यदि किसी व्यक्ति को परखना है तो उसके व्यक्तित्व के स्थान पर उसके व्यवहार को परखिये वही आपको बताएगा कि वह किस प्रकार का व्यक्ति है


  • निर्णय जल्दी लीजिए लेकिन देर तक सोचने के बाददोस्तों छोटी सी छोटी बात का भी निर्णय हमें कभी भी बिना सोचे समझे नहीं लेना चाहिए इसलिए कामयाब लोगों ने कहा है किन निर्णय को हमेशा जल्दी लेना चाहिए लेकिन उसके पीछे उसकी पूरी जांच परख पहले होनी चाहिए कि यह निर्णय सही है या नहीं



  • अपने अंदर के अहंकार को निकाल कर स्वयं को हल्का करें क्योंकि उनका वही होता है जो हल्का होता है


  • जो हो गया उसे हम स्वीकार नहीं कर पाते और जो नहीं मिला उसे छोड़ नहीं पाते अधूरी ख्वाहिशओं का दुख हमें उस सुख से भी दूर कर देता है जो हमारा हो सकता था


  • मनुष्य जीवन नदी की भाँति है साधारण मनुष्य बहाव में बहते हैं असाधारण मनुष्य अपने बहाब से नई राहें बना लेते हैं


  • प्रसन्नता और शोक मन की स्थितियां हैं और मन को वश में रखना मानव के हाथ में है


  • अपेक्षाएं मिट्टी के बर्तन की तरह होती हैं आप जितना मजबूती से पकड़ते हैं उनके टूटने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है


  • आकाश में पूरब और पश्चिम का कोई भेद नहीं है लोग अपने मन में भेदभाव को जन्म देते हैं और फिर विश्वास कर लेते हैं कि यही सच है


  • बड़े कामों में सफल होने की आदत छोटे-छोटे प्रयासों से विकसित होती है काम में सर्वश्रेष्ठ होना कोई अपवाद नहीं है बल्कि एक सतत प्रक्रिया है


  • कुछ दिन खामोश होकर देखना लोग सच में भूल जाते हैं


  • हम तब तक आगे नहीं बढ़ सकते जब तक कि खुद को नए काम में होने वाली बेचैनियों के लिए तैयार नहीं करेंगे


  • दूसरों की चुगली या बुराई करने वाले लोग बोरियत और कड़वाहट को हरदम साथ लेकर चलते हैं


  • जीवन की ब्यर्थता का एहसास बोरियत से भर देता है और इसकी सार्थकता समझने वालों को बोर होने का समय ही नहीं मिलता


दोस्तों यह हमारी ओर से एक प्रयास है कि कैसे अपने जीवन को एक नई राह प्रदान करें कृपया हमारे इस प्रयास का हिस्सा बने और हर किसी के साथ इसको शेयर करें और अपने जीवन को अपने ढंग से जीये। क्योंकि
अपने जीवन के आप मालिक हैं कोई और नहीं अतः अपने आपको पहचाने और हमारे इस सतत  प्रयास का हिस्सा बनें।

सांप की मणि-मुंशी प्रेमचंद


सांप की मणि-मुंशी प्रेमचंद

मैं जब जहाज पर नौकर था तो एक बार कोलंबो भी गया था। बहुत दिनों से वहां जाने का मन चाहता था, खासकर रावण की लंकापुरी देखने के लिए। कोलकाता से 7 दिन में जहाज कोलंबो पहुंचा। मेरा एक दोस्त किसी कारखाने में नौकर था। मैंने पहले ही उसे खत डाल दिया था।वह घाट पर आ पहुंचा था। हम दोनों गले मिले और कोलंबो की सैर करने चले। जहाज वहां 4 दिन रुकने वाला था। मैंने कप्तान साहब से 4 दिन की छुट्टी ले ली थी
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सांप की मणि-मुंशी प्रेमचंद


जब हम दोनों खाना खा पी चुके तो गपशप होने लगी। वहां के सीप और मोती की बात छिड़ गई। मेरे दोस्त ने कहा, यह सब चीजें तो यहां समुद्र से निकलती ही हैं आसानी से मिल भी जाएंगी। मगर मैं तुम्हें एक ऐसी चीज दूंगा जो शायद तुमने कभी ना देखी हो। हां, उसका हाल किताबों में पढ़ा होगा


मैंने आश्चर्य से पूछा वह कौन सी चीज हैउसने कहा, सांप की मणि। मैं चौंक उठा और बोला, सांप की मणि उसका नाम तो मैंने किस्से कहानियों में सुना है, उसका मोल तो 7 बादशाहों के बराबर होता है। क्या असली सांप की मणि।

वह घर से बोला, हां भाई, असली मणि तुम्हें मिल जाए तो मानोगे। मुझे विश्वास ना हुआ।वह फिर बोला, यहां 50 किस्म के सांप है मगर मणि एक ही तरह के सांप के पास होती है उसे कालिया कहते हैं। यह बात तो है कि यह चीज बहुत मुश्किल से मिलती है। पचासों में शायद एक के पास निकले, मगर मिलती जरूर है। मैंने सुना था कि सांप मणि को अपने सिर पर रखता है, मगर यह बात गलत निकली।

मेरे दोस्त ने कहा कि मणि उसके मुंह में होती है। मैंने आश्चर्य से पूछा,तो मुंह के अंदर से चमक कैसे नजर आती है? दोस्त ने हंसकर कहा, जब उसे रोशनी की जरूरत होती है तो वह किसी साफ़ पत्थर पर उसे सामने रख देता है। उस वक्त जरा भी खटका हो तो वह झट मणि को मुंह में दबाकर भाग जाता है। उसकी यह आदत कि जहां एक बार मणि को निकालता है वही बार-बार आता है। मैं आज ही अपने आदमियों से कह देता हूं और वे लोग कहीं ना कहीं से जरूर खबर लाएंगे

2 दिन गुजर गए, तीसरे दिन शाम को मेरे दोस्त ने मुझसे कहा, लो भाई, मणि का पता चल गया। मैं झट उठ खड़ा हुआ और अपने दोस्त के साथ बाहर गया। वह आदमी खड़ा था जो मणि की खबर लाया था। कहने लगा, अभी मैं एक सांप को मणि से खेलते देख आया हूं। अगर आप इसी वक्त चलें तो मणि हाथ आ सकती है। हम तुरंत उसके साथ चल दिए। थोड़ी देर में, हम सब एक जंगल में पहुंचे। उस आदमी ने एक तरफ उंगली से इशारा करके कहा, वह देखिए सांप मणि रखे बैठा है

मैंने उस तरफ देखा तो सचमुच 20 गज की दूरी पर एक सांप फन उठाए बैठा था और उसके आसपास उजाला हो रहा था। पहले तो मैंने समझा कि शायद जुगनू हो, पर रोशनी ठहरी हुई थी। जुगनू की चमक चंचल होती है, कभी दिखाई देती है, कभी गायब हो जाती है। मैं बड़ी देर तक सोचता रहा कि किस उपाय से मणि हाथ लगे। आखिर मैंने उस आदमी से कहा, मुझसे बड़ी गलती हुई कि बंदूक नहीं लाया, इसे मारकर मणि को उठा लेता
उस आदमी ने कहा, बंदूक की कोई जरूरत नहीं साहब,आप थोड़ी देर रूकिये, मैं अभी आया। यह कह कर वह कहीं चला गया। थोड़ी देर बाद कुछ हाथ में लिए लौटा

मैंने पूछा, तुम्हारे हाथ में क्या है? उसने कहाकीचड़। मैंने पूछा, कीचड़ का क्या होगा? उसने कहा, चुपचाप देखिए, मैं क्या करता हूं।वह चुपके से एक पेड़ पर चढ़ गया और मुझे भी चढ़ने का इशारा किया। मैं भी ऊपर चढ़ा। तब वह डाली पर होता हुआ ठीक सांप के ऊपर आ गया और एकाएक उस मणि पर कीचड़ फेंक दिया। अंधेरा छा गया। सांप घबराकर इधर-उधर दौड़ने लगा। थोड़ी देर के बाद पत्तियों की खरखड़ाहट बंद हो गई। मैंने समझा सांप चला गया। मैं पेड़ से उतारने लगा। उस आदमी ने मुझे पकड़ लिया और कहा, भूल कर भी नीचे नहीं जाइएगा, नहीं तो घर तक नहीं पहुंचेगें। वह सांप यहीं पर कहीं ना कहीं छुपा बैठा है। हम दोनों ने उसी पेड़ पर रात काटी

दूसरे दिन सुबह होते ही हम दोनों इधर-उधर देखकर नीचे उतरे। साथी ने कीचड़ हटा दिया। मणि नीचे पड़ी थी। मैं खुशी के मारे मतवाला हो गया

जब हम दोनों घर पहुंचे तो मेरे दोस्त ने कहा, अब तुम्हें विश्वास आया या अब भी नहीं। मैंने कहा, हां,सांप के पास से से लाया हूं जरूर, मगर मुझे अभी तक संदेह है कि यह वही मणि है जिसका मोल  सात बादशाहों के बराबर है

दरयाफ्त करने पर मालूम हुआ कि यह एक किस्म का पत्थर है जो गर्म होकर अंधेरे में जलने लगता है। जब तक वह ठंडा नहीं हो जाता, इसी तरह चमकता रहता है। सांप इसे दिन भर मुंह में रखता है ताकि यह गरम रहे। रात को वह इसे किसी जंगल में निकालता है और इसकी रोशनी में कीड़े मकोड़े खाता है

Thursday, July 18, 2019

Green tea benefits in hindi

Green tea benefits in hindi-

आजकल भारत में ग्रीन टी का प्रचलन बहुत ही बढ़ता जा रहा है और यह कहना भी गलत नहीं होगा कि भारत के लोग चाय के बहुत ही शौकीन भी हैं परंतु आप जो ये ग्रीन टी का सेवन कर रहे हैं क्या आप जानते हैं कि इसके क्या फायदे और नुकसान हैं? यदि नहीं, तो कोई बात नहीं क्योंकि आज हम आपको अपनी इस पोस्ट के माध्यम से ग्रीन टी के फायदे और नुकसान को विस्तार से बताने का प्रयास कर रहे हैं आशा है कि यह विवरण आपको बहुत ही पसंद आएगा

इससे पहले आप सबसे पहले यह जान लीजिए कि यह ग्रीनटी क्या है? ग्रीन टी को कैमल्लिया साइनेंसिस नामक पौधे से बनाया जाता है। यह स्वादिष्ट पेय पदार्थ होने के साथ-साथ एंटीऑक्सीडेंट के रूप में पूरे विश्वभर में विख्यात है।
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Green tea benefits in hindi

वजन कम करने में

                                ग्रीन टी का सबसे प्रमुख फायदा वजन कम करने में ही है। इसमें पाए जाने वाले
एंटीऑक्सीडेंट मेटाबॉलिज्म को बढ़ाकर शरीर का वजन घटाने में मदद करते हैं। अक्सर कुछ व्यक्ति व्यायाम या दौड़ने के बाद इसका इस्तेमाल करते हैं और इसका प्रभाव और भी अच्छा उन्हें देखने को भी मिलता है अतः आप भी इसका इसी प्रकार उपयोग करें। ऐसा करने पर बहुत ही जल्दी आपका वजन कम हो जाएगा

डायबिटीज में लाभकारी

                            ग्रीन टी शरीर की कोशिकाओं को संवेदनशील करती है ताकि वह चीनी को अच्छी तरह से हजम कर डायबिटीज के खतरे को कम कर सकें। इसके इस्तेमाल से इसमें  मौजूद पॉलीफेनॉल शरीर में ग्लूकोज के स्तर को संतुलित करती हैं अतः डायबिटीज के रोगी को इसका इस्तेमाल अवश्य करना चाहिए
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ह्रदय के लिए लाभकारी

                        हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में हुए एक शोध में पाया गया कि ग्रीन टी दिल की बीमारियों से रक्षा कर सकती है। ग्रीन टी शरीर में बनने वाले हानिकारक कोलेस्ट्रोल को कम करती है जिससे हृदय बहुत ही आसानी से रक्त को पंप करता रहता है और हार्ट अटैक का खतरा 70% तक कम हो जाता है अतः प्रत्येक व्यक्ति को ग्रीन टी का सेवन अवश्य करना चाहिए
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Green tea benefits in hindi

कैंसर में लाभकारी

                   एक अध्ययन के अनुसार नियमित रूप से ग्रीन टी का सेवन करने वाले व्यक्तियों में ग्रीन टी कैंसर की कोशिकाओं का प्रसार होने से रोकती है और दिन प्रतिदिन कैंसर के सेल्स को कमजोर बनाती है अतः कैंसर के रोगी को दिन में कम से कम 2 कप ग्रीन टी का सेवन तो अवश्य ही करना चाहिए
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तनाव को कम करने में

                           ग्रीन टी में मौजूद पॉलिफिनॉल्स तत्व एंटीडिप्रेसेंट का प्रभाव उत्पन्न करते हैं और इसके अलावा ग्रीन टी में उपस्थित कैफीन की मात्रा भी तनाव को कम करने में मददगार है अतः तनावग्रस्त व्यक्ति को इसका सेवन अवश्य करना चाहिए

लंबी उम्र पाने में

                 ग्रीन टी का नियमित रूप से इस्तेमाल करने पर यह शरीर की इम्युनिटी को बढ़ाकर कई बीमारियों से रक्षा करती है जिससे लंबी उम्र को पाया जा सकता है

अल्जाइमर में लाभकारी

                       उम्र बढ़ने के साथ-साथ याददाश्त कमजोर होती जाती है और इसे ही अल्जाइमर कहा जाता हैपरंतु यदि व्यक्ति नियमित रूप से ग्रीन टी का सेवन करें तो इसमें उपस्थित कैटकिन नामक पदार्थ काफी हद तक इस समस्या में लाभ पहुंचाता है
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त्वचा को मॉस्चराइज रखने में

                               बदलते मौसम के साथ अक्सर त्वचा रूखी और बेजान होने लगती है और कई बार तो मॉस्चराइजर क्रीम का इस्तेमाल करने पर भी रूखे पन से छुटकारा नहीं मिलता है तो ऐसे में एक चम्मच ग्रीन टी में दो चम्मच शहद मिलाकर पेस्ट बनाकर अपने चेहरे पर लगाएं (आँखों और मुंह से बचाकर) और10 से 20 मिनट के बाद चेहरे को ठंडे पानी से धो लें। लगभग सप्ताह में दो बार इस नुस्खे का उपयोग करना लाभकारी रहता है इसके अलावा इसके इस्तेमाल से झुर्रियां भी ठीक की जा सकती है

डार्क सर्कल्स के लिए

                   अक्सर नींद पूरी ना होने,खून की कमीया तनाव की वजह से आंखों के नीचे डार्क सर्कल हो जाते हैं जो कि देखने में बहुत ही खराब लगते हैं अतः यदि आप इसे ठीक करना चाहते हैं तो इसके लिए आप एक कप पानी में दो ग्रीन टी के बैग को डुबोकर कुछ देर के लिए फ्रिज में रख दें और फिर इस ठंडे टीबैग को अपनी आंखों के नीचे रख ले। अब लगभग 15 मिनट के बाद आप अपने चेहरे को पानी से धोलें। ऐसा करने से निश्चित तौर पर डार्क सर्कल्स ठीक हो जाते हैं
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बालों के लिए फायदेमंद

                        बालों से संबंधित हर प्रकार की समस्या में ग्रीन टी बहुत ही फायदेमंद है।लगभग आधा लीटर पानी में ग्रीन टी के चार से पांच बैग को डाल दें और शैंपू से बाल धोने के बाद इस पानी से बालों को धो लें ऐसा करने से बाल घने, काले और मजबूत तो बनते ही हैं साथ ही साथ बालों का झड़ना, रूसी, सफेद बाल आदि सभी समस्याओं से भी छुटकारा मिल जाता है

ग्रीन टी पीने का सही समय

                          एक बात हमेशा याद रखें कि सिर्फ ग्रीन टी पीने से फायदा नहीं होता है अगर आप इसे सही वक्त पर नहीं पिएंगे तो आपको कुछ भी खास लाभ नहीं होगा। अगर आपको ग्रीन टी के फायदे चाहिए तो ग्रीन टी पीने का समय निर्धारित कर ले और नीचे बताई जा रही बातों का ध्यान अवश्य रखे
  •          ग्रीन टी सुबह या नाश्ते से पहले ना पिए
  •         हमेशा ग्रीन टी नाश्ते या दोपहर के खाने के बाद ही पियें।
  •          ध्यान रखिए कि ग्रीन टी कुछ भी खाने के तुरंत बाद ना पिये।
  •          ग्रीन टी कभी भी खाली पेट ना पिए।
  •          देर रात को ग्रीन टी पीने से बचें क्योंकि इससे अनिद्रा की समस्या हो सकती है
  •          ग्रीन टी में दूध या चीनी ना मिलायें

ग्रीन टी के नुकसान

                जैसा कि हम सभी यह जानते हैं कि जिस चीज के फायदे होते हैं तो उसके कुछ नुकसान भी होते हैं ठीक उसी प्रकार से ग्रीन टी के भी नुकसान है तो चलिए अब उन्हें भी जान लेते हैं

  •          इसके अधिक सेवन से पेट दर्द की समस्या हो सकती है
  •          अनिद्रा की परेशानी हो सकती है
  •          ग्रीन टी के ज्यादा इस्तेमाल से शरीर में आयरन की कमी या एनीमिया जैसी बीमारी भी हो सकती है
  •          इसके अधिक सेवन से सिरदर्द की समस्या भी हो सकती है

तो दोस्तों मैं आशा करता हूं कि यह सभी जानकारी आपके लिए बहुत ही कल्याणकारी होगी कृपया इसे सभी जगह शेयर अवश्य करें और इसी प्रकार अपने प्यार और स्नेह को मुझ पर बनाए रखें जिसके लिए मैं आप सभी का हमेशा आभारी रहूंगा