Thursday, February 14, 2019

कैंसर के घरेलू उपाय


कैंसर के घरेलू उपाय-


दोस्तों आज के समय में कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं है जो बीमार ना होता हो कोई व्यक्ति छोटी सी बीमारी से ग्रसित होता है तो कोई बड़ी बीमारी सेपरंतु एक बात हमेशा याद रखें कि कोई भी चीज असंभव नहीं है और ना ही कोई ऐसी बीमारी है जिसका उपाय संभव नहीं हो। दोस्तों आज हम विशेष का कैंसर के ऊपर चर्चा कर रही है वैसे तो बीते कुछ सालों मेंकैंसर का सफल इलाज संभव हुआ है परंतु आज हम यह जानने का प्रयास करेंगे कि ऐसे कौन कौन से घरेलू उपाय हैं जिनका उपयोग कैंसर के इलाज में किया जा सकता है। दोस्तों कैंसर के घरेलू उपाय के बहुत से तरीके हैं इसके अलावा बहुत से योगासन के द्वारा भी इसका संभव इलाज किया जा सकता है तो चलिए अब हम उन सभी उपायों और योगासन के विषय में चर्चा करते हैं
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कैंसर के घरेलू उपाय

गाय के दूध और तुलसी से

                                   दोस्तों गाय का दूध और तुलसी यह दोनों ऐसी चीजें हैं जो बहुत ही आसानी से घर पर ही उपलब्ध हो जाती हैं दोस्तों गाय की दूध में तो सोने जैसा पदार्थ तक पाया जाता है इसी कारण इसमें पीलापन होता है और दोस्तों तुलसी तो बहुत ही रामबाण औषधि है  तुलसी के बारे में मैंअलग से एकपोस्ट लिख चुका हूं अगरआप उसे पढ़ना चाहते हैं तो तुलसी शब्द पर क्लिक करें।इसका उपयोग तो बहुत से रोगों में किया जा सकता है दोस्तों कैंसर को खत्म करने के लिए आपको सुबह सुबह प्रतिदिन तीन से चार तुलसी की पत्तियां और एक गिलास गाय का दूध लेना है और इस दूध में इन पत्तियों को उबालकर सेवन करना है आप विश्वास मानिए अगर आप 3 से 4 महीने तक प्रतिदिन ऐसा करते हैं तो आप का कैंसर जड़ से खत्म हो जाएगा

आंवले से

            कैंसर के इलाज के लिए आंवला बहुत ही आसान घरेलू उपाय है इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी कैंसर गुण उपस्थित हैं जो कैंसर को ठीक करने की सामर्थ रखते हैं अत आपको इसे अपने खानपान में अवश्य शामिल करना चाहिए आप आंवले का मुरब्बा बनाकर भी इसे प्रयोग कर सकते हैं इसके अलावा आप इसकी चटनी बनाकर भी खा सकते हैं दोस्तों यह सिद्ध हो चुका है आंवला कैंसर का खतरा कम कर देता है तो इसे अपने खानपान में अवश्य शामिल करें

हल्दी और गोमूत्र से

                             दोस्तों हल्दी ऐसी चीज हैजो बहुत ही आसानी से हमारे घरों में उपलब्ध हो जाती है। इसके अलावा इसमें करक्यूमिन नामक एक पदार्थ पाया जाता है और यही पदार्थ कैंसर को खत्म करने में मदद करता है। दोस्तों इस औषधि को बनाने के लिए आपको हल्दी के अलावा दो और चीजों की भी आवश्यकता होगी वे चीजें हैं देसी काली रंग की बछड़ी का गोमूत्र और पुनर्नवा औषधि। दोस्तों पुनर्नवा औषधि आपको आसानी से मार्केट में उपलब्ध हो जाएगीऔर गोमूत्र आपको देसी काले रंग की गाय का ही लेना है जर्सी गाय का नहीं। इसके अलावा दो बातें और याद रखें कि वह गाय बिन ब्याही हो और गोमूत्र को कपड़े की 8 परत बनाकर छानकर लिया हुआ हो। तो दोस्तों इन सभी चीजों से औषधि बनाने के लिए आपको आधा कप गोमूत्र, आधी चम्मच हल्दी और आधी चम्मच पुनर्नवा पाउडर लेना है और इसे स्टील के बर्तन में एक उबाल आने तक गर्म करना है और इसके बाद इसे छानकरघूटघूटकरके पीना है। दोस्तों यह केवल एक बार के लिए ही है क्योंकि इसका उपयोग सुबह दोपहर और शाम तीनो टाइमकरना है तो प्रत्येक बार आपको ऐसे ऐसे ही बनाना है और ऐसे ही सेवन करना है यदि आप इसे प्रतिदिन इसी प्रकार तीनों टाइम 3 माह तक उपयोग करेंगे तो आपको कैंसर कि कभी शिकायत नहीं होगी और यदि आपको कैंसर होगा तो वह भी जड़ से खत्म हो जाएगा

मेवा का उपयोग

                     यदि किसी व्यक्ति को बड़ी आंत का कैंसर हैतो इसके लिए उसे ज्यादा से ज्यादा मात्रा में सूखे मेवे का उपयोग करना चाहिए। इसमें उसे काजू, बादाम, पिस्ता और अखरोट को अधिक मात्रा में प्रयोग में लाना चाहिए क्योंकि यह चीजें कैंसर के सेल्स को कमजोर कर देती हैं जिस कारण उसका प्रभाव कम होने लगता है। केवल बड़ी आंत के कैंसर के लिए ही नहीं अपितु किसी भी प्रकार के कैंसर से ग्रसित व्यक्ति को सूखे मेवे का उपयोग करना चाहिए और इसके अलावा हरी सब्जियों का भी अधिक से अधिक प्रयोग करना चाहिए क्योंकि यह सभी चीजें कैंसर के सेल्स को कमजोर कर देती हैं।इसके अलावा आप चाहें तो आप मुनक्के का भी बीज 
सहित उपयोग कर सकते हैं क्योंकि यह भी कैंसर के सेल्स को कमजोर करता है।

भांग की पत्तियों से

                        अभी हाल ही में कुछ समय पहले अमेरिका में एक शोध में पता चला कि भांग की पत्तियां कैंसर के इलाज में बहुत ही कारगर है जी हां दोस्तों परंतु आप सोच रहे होंगे कि यह तो एक नशीला पदार्थ है सही समझा आपने परंतु आपको इसे नशे की भांति उपयोग नहीं करना है अपितु इसकी दो पत्तियों को प्रतिदिन सुबह गर्म पानी के साथ सेवन करना है ऐसा करने से कैंसर जैसे खत्म हो जाता है

चाय व कॉफी का ना करें उपयोग

                                                दोस्तों कैंसर से ग्रस्त रोगी को चाय व कॉफी का बहुत ही कम उपयोग करना चाहिए क्योंकि चाय व कॉफी में 10 प्रकार के ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो कैंसर की सेल्स को बढ़ने में मदद करते हैं और यही नहींचाय व कॉफी से लकवा, ब्लड प्रेशर ऐसी बीमारियां भी होने का खतरा रहता है अतः कैंसर से ग्रसित रोगी को चाय व कॉफी का कम से कम उपयोग करना चाहिए

किस प्रकार के करें योगासन– 

                                      दोस्तों कैंसर को यदि आप जड़ से खत्म करना चाहते हैं तो हमें प्रतिदिन योगासन करना चाहिए परंतुअब सवाल ये उठता है कि योगासन तो बहुत होते हैं तो उनमें से कौन से योगासन करें।  
तो दोस्तों मैं आपको ये बताना चाहता हूं कि वे योगासन करें जो आपके शरीर में ऑक्सीजन की अधिकता को प्रभावित करे क्योंकि एक शोध में ये पाया गया कि यदि कैंसर के सेल्स को अधिक मात्रा में ऑक्सीजन मिल जाये तो वे नष्ट हो जाते हैं अतः हमें वे योगासन करने  चाहिए जो  हमारे शरीर में अधिक ऑक्सीजन की मात्रा प्रवाहित करें।

पपीते के पत्ते से – 

                       दोस्तों पपीते के पत्ते से कैंसर यदि  3rd या 4th स्टेज में पहुंच गया हो तब भी 35 से 90 दिनों के अन्दर पुर्ण रूप से जड़ से समाप्त हो जाता है। इसके लिए आप पपीते के बहुत सारे पत्ते को एक साथ धूप में सुख लें और फिर प्रतिदिन 1 गिलास पानी में 5 या 6 पत्ते के छोटे छोटे टुकड़े तोड़कर उवाल ले और जब यह पानी आधा रह जाये तब इसे छानकर पी लें।दोस्तों यह एक बार के लिए ही सेवन विधि  है क्योंकि इसका उपयोग दिन में दो वार करना है तो दूसरी बार भी इसी प्रकार बना लें और आप विश्वास मानिये अगर इस रामबाण औषधि का प्रयोग आप प्रतिदिन 35 से 90 दिनों तक लगातार करते हैं तो आपका कैंसर जड़ से समाप्त हो जाएगा।

तो दोस्तों मैं आशा करता हूं कि यह सभी जानकारी आप सभी के लिए बहुत ही उपयोगी सिद्ध होगी और अब आप भली-भांति केले के उपयोग को भी समझ गए होंगे तो आप बस इसी प्रकार मेरा साथ देते रहिए आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद।

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