Sunday, March 10, 2019

Arthritis ke gharelu upay

Arthritis ke gharelu upay-

ऐसा कहा जाता है कि गठिया का साथ सीधे लटिया के साथ होता है अर्थात कहने का मतलब यह है कि गठिया ऐसा रोग है जिसमें व्यक्ति के जोड़ों में अकड़न हो जाती है या सूजन आ जाती है जिस कारण असहनीय दर्द होने लगता है। दर्द के समय पीड़ित व्यक्ति को उस स्थान पर ऐसा लगता है कि जैसे कि कोई भालाचुभो रहा हो।आज हम सभी इसके घरेलू उपायों को जानेंगे कि किन किन घरेलू उपायों का उपयोग गठिया को ठीक करने के लिए किया जा सकता है। शोध के दौरानयह पता लगाया गया है कि हर पांच व्यक्ति में से लगभग 1 व्यक्ति को यह बीमारी होती है। अब आप इसी बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि संपूर्ण विश्व में इससे ग्रसित कितने लोग होंगे परंतु अन्य शोधों के द्वारा यह भी तथ्य सामने आया है कि प्राकृतिकऔर घरेलू नुस्खों के द्वारा ही इसका इलाज संभव है। तो चलिए अब हम उन सभी प्राकृतिक घरेलू नुस्खों को जान लेते हैं
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Arthritis ke gharelu upay

मेथी दाने के पानी से

                                 इसको बनाने के लिए आप लगभग 200 mlपानी में दो चम्मच मेथी के दानों को रातमेंभिगोकररखदें।अब सुबह उठकर आप इस पानी को छानकर मेथी दाने को अलग कर ले।इस मेथी दाने को आप मिक्सी के माध्यम से पीसकर उसीछने हुए पानी में वापस मिला लें।आप चाहे तो इसमें स्वाद के लिए शहद भी मिला सकते हैं और अब आप इस बने हुए मिश्रण को खाना खाने से 15 मिनट पहले दिन में एक बार सेवन करें।लगभग 1 से 2 महीने तक इसका इसी प्रकार सेवन करते रहने से गठिया रोग हमेशा के लिए ठीक हो जाता है

लहसुन के द्वारा

                        लहसुन पुराने समय से ही जोड़ों के दर्द का बहुत ही असरकारी और रामबाण इलाज रहा है। इसके द्वारा जोड़ों के दर्द को जड़ से समाप्त करने के लिए आप पांच से छह लहसुन की खपियाँ खाना खाने से पहले खूब चबा चबाकर खाएंअगर आपको इस प्रकार खाने में थोड़ी परेशानी हो रही है तो आप इसे देसी घी में भूनकर भी खा सकते हैं परंतु एक बात का ध्यान अवश्य रखें कि लहसुन को चबा चबाकर खाना है। यदि आप इसे साबुन निगलेंगे तो आपको कोई भी लाभ नहीं होगा।लगभगकुछदिनोंतक नियमितइसके सेवन से अवश्य ही आपको गठिया रोग में फर्क महसूस होने लगेगा।

खाने वाले चूने से

                          दोस्तों यह बहुत ही आसान, सस्ता और घरेलू उपाय हैं।प्राकृतिक रूप से चूने में कैल्शियम की भरपूर मात्रा होती है जो कि हमारी हड्डियों को मजबूत बनाने के साथ-साथ जोड़ों के दर्द और अर्थात गठिया को भी जड़ से समाप्त कर देता है। इसके द्वारा गठिया के इलाज के लिए आप एक गेहूं के दाने के बराबर चूना लेकर दूध या पानी में उबाल ले और फिर इसे दिन में एक बार किसी भी समय गुनगुना ही पियें। दोस्तों इस प्रकार इसका उपयोग करने पर अवश्यही गठिया रोग में लाभ मिलता है

उपयुक्त नुस्खे से संबंधित आवश्यक निर्देश


1.इस नुस्खे को उपयोग करते समय गेहूं के दाने के बराबर मात्रा में ही चूना लेना है उससे ज्यादा चूने की मात्रा नहीं लेनी है

2.इस नुस्खे का उपयोग दिन में एक बार ही करना है

3.जिन व्यक्तियों को पथरी की समस्या है बेइस नुस्खे का उपयोग बिल्कुल ना करें

हरसिंगार के पत्तों का उपयोग

                                             दोस्तों यह नुस्खा सभी नुस्खों में सबसे अधिक असरकारी नुस्खा है। इसके द्वारा वे रोगी भी ठीक हो सकते हैं जो 20 साल से जोड़ों के दर्द से ग्रसित हो।दोस्तों इस पौधे पर सफेद रंग के फूलआते हैं और उन पुष्पों की डंडी नारंगी रंग की होती है इस प्रकार इस पौधे की पहचान की जा सकती है परंतु हमें इसके पुष्प की नहीं अपितु पत्तों की आवश्यकता है।पुष्पोंकेद्वारा तो हम केवल इस पौधे की पहचान कर सकतेहैं। दोस्तों इस नुस्खे का उपयोग दो प्रकारसे किया जा सकता है
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1.इस नुस्खे को बनाने के लिए आपको इसके 5 से 6 ताजे पत्तों को लेकर उसे अदरक के साथ मिक्स करके पेस्ट बना लेना है और अब इस पेस्ट को रोज सुबह प्रतिदिन एक चम्मच शहद के साथ सेवन करना है ऐसा करने पर लगभग 2 माह के अंदर ही गठिया रोग जड़ से समाप्त हो जाता है
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2.इस नुस्खे के लिए हमें सर्वप्रथम 5 से 6 ताजे पत्तों को लेकर उसे मिक्सर में अच्छी तरह पीस लेना है और फिर एक गिलास पानी में इस पेस्ट को मिलाकर उबालना है और इसको तब तक उबालना है जब तक कि पानी आधा ना हो जाए। पानी आधा रह जाने पर आप इसे ठंडा होने रख दें और जब यहठंडा हो जाए तब इस जूस को सुबह सुबह खाली पेट पीयें। ऐसा करने से 2 माह के अंदर ही गठिया रोग जड़ से समाप्त हो जाता है

दोस्तो इन दोनों नुस्खों को बनाने के लिए आप हमेशा ताजी पत्तों का ही उपयोग करें आप इसे बनाकर नहीं रखें क्योंकि ज्यादा पुराना हो जाने पर इसकी गुणवत्ता समाप्त हो जाती है अतः बेहतर परिणाम के लिए आप प्रतिदिन सेवन करने से पहले ताजी पत्र द्वारा इसे बनाएं और उसी का इस्तेमाल करें। यह बहुत ही असरकारी नुस्खा है और यहगठिया को हमेशा के लिए जड़ से समाप्त कर देता है।

थुआ का जूस और पराठे के द्वारा - 

                                                दोस्तों गठिया रोग में बथुआ बहुत हीअसरकारी है। आप इसके पत्तों को पीसकर उसका जूस बना लें और इस जूस में बिना नमक या चीनी मिलाये सुबह-सुबह प्रतिदिन इसका सेवन करें इसके अलावा आप इसके पत्तों के पराठे बनवाकर रात के समय उनका सेवन करें ऐसा करने से निश्चित ही गठिया रोग जड़ से समाप्त हो जाता है

नागौरी अश्वगंधा की जड़ और खांड से - 

                                                    दोस्तों यह नुस्खा इतना अधिक असरकारी है कि इसके इस्तेमाल से वह व्यक्ति भी दौड़ने भागने लगता है जो सालों से बिस्तर पर ही पड़ा रहता हो। इसनुस्खे को बनाने के लिए आप नागौरी अश्वगंधा की जड़ औरखांड दोनों को पीसकर अच्छी तरह पाउडर बना लें और उन्हें अलग-अलग कांच की शीशी में भरकर रख लें।अब आप प्रतिदिन सुबह-शाम गाय के गर्म दूध में इनदोनों पाउडर को लगभग 6-6 ग्राम मिलाएं और इसको पियें। दोस्तों कुछ दिनों तक लगातार ऐसा करने से गठिया रोग ठीक उसी प्रकार भाग जाता है जिस प्रकार आप किसी भूत को देखने पर नौ दो ग्यारह हो जाते हैं

कच्चे आलू के रस से

                                 दोस्तों शोधों में यह पाया गया कि कच्चे आलू का रस अर्थराइटिस के लिए बहुत अधिक लाभकारी है। इसमें उपस्थित खनिज लवणों औरकार्बनिक पदार्थ गठिया को जड़ से खत्म करने में बहुत अधिक लाभकारी है। इसका जूस बनाने के लिए आप एक कच्चे आलू को छील लें और फिर उसको छोटे-छोटे टुकड़ोंमें काट ले।अब इन टुकड़ों को आप एक गिलास पानी में रात में भिगोकर रख दें और सुबह पानी को छानकर पीलें। कुछ दिनों तक ऐसा करने से बहुत जल्दी गठिया रोग में आराम मिलता है

सरसो के लेप से

                       दोस्तों इस लेप को तैयार करने के लिए आप एक कटोरी में दो चम्मच सरसों का तेल ले और फिर उस तेल में एक चम्मच शहद, एक चम्मच नमक और एक चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर अच्छी तरह मिक्स कर लें।अबइस पेस्ट को अपने जोड़ों पर लगाएं और 30 मिनट तक अच्छी तरह धूप में बैठकर मालिश करें ऐसा करने से बहुत जल्दी जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है
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कपूर और तिल के तेल से

                                      इसके द्वारा गठिया को जड़ से खत्म करने के लिए आप 10 ग्राम कपूर में 400 ग्राम तिल का तेल मिलाकर एक शीशी में भरकर धूप में रख दें और जब यह दोनों एक दूसरे में अच्छी तरह मिल जाए तब इस तेल को उठा कर रख दें और सुविधा अनुसार यथा स्थान रख लें। अब आप प्रतिदिन धूप में बैठकर इस तेल से अपने जोड़ों की मालिश करें ऐसा करने से बहुत जल्दी जोड़ो का दर्द ठीक हो जाता है।

दालचीनी और शहद से

                                  यह गठिया रोग में बहुत हीअसरकारी व रामबाण इलाज है। इसके लिए आप दालचीनी को पीसकर पाउडर बना लेंऔररोज सुबह शाम एक चम्मच दालचीनी पाउडरऔर एक चम्मच शहद को एक गिलास गुनगुने पानी के साथ इस्तेमाल करें। कुछ दिनों तक लगातार इसका इस्तेमाल करने से गठिया रोग जड़ से समाप्त हो जाता है
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तो दोस्तों मैं आशा करता हूं कि मेरे द्वारा उपलब्ध करवाई गई जानकारी आप सभी के लिए बहुत ही उपयोगी साबित होगी और इन सभी उपायों का उपयोग करके गठिया से ग्रसित रोगी को निश्चित ही लाभ होगा आप सभी इसी प्रकार मेरा साथ देते रहिए क्योंकि मैं आप सभी के लिए ऐसे ही पोस्ट लाता रहूंगाकृपया मुझे ज्यादा से ज्यादा सपोर्ट करें और ज्यादा से ज्यादा शेयर करें आपके द्वारा शेयर करनाही मेरी इस मेहनत का फल है इसके लिए मैं आप सभी का सदैव आभारी रहूंगा।


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